By Dr. Hemlata Mishra | Health Editor
नई दिल्ली।बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान नमी बढ़ने और पानी व भोजन के दूषित होने की आशंका के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में रोजमर्रा की कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर संक्रमण और बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है।
साफ पानी और भोजन पर दें ध्यान
मानसून के दौरान पीने के पानी की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो सुरक्षित या शुद्ध पानी का इस्तेमाल करना बेहतर है। बाहर खुले में रखे भोजन और कटे हुए फल-सब्जियों के सेवन से भी सावधानी बरतनी चाहिए।
भोजन को अच्छी तरह पकाकर और उचित तरीके से ढककर रखना खाद्य संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। फल और सब्जियों को साफ पानी से धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
हाथों की सफाई जरूरी
खाने से पहले, शौचालय के इस्तेमाल के बाद और बाहर से घर लौटने पर हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करना सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य आदत है। हाथों की नियमित सफाई कई संक्रमणों के प्रसार को रोकने में मदद कर सकती है।
आसपास पानी जमा न होने दें
घर और आसपास लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने की स्थिति बन सकती है। इसलिए कूलर, गमले, छत, नालियों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय भी अपनाए जा सकते हैं।
मौसम के अनुसार दिनचर्या रखें
बारिश के दौरान पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि जैसी बुनियादी स्वास्थ्य आदतों को बनाए रखना जरूरी है। मौसम बदलने के कारण दिनचर्या में बदलाव हो सकता है, लेकिन शरीर को पर्याप्त आराम और पोषण देना लगातार महत्वपूर्ण रहता है।
यदि किसी व्यक्ति में बीमारी के लगातार या गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित है।
मानसून में स्वस्थ रहने का सबसे प्रभावी तरीका किसी एक उपाय पर निर्भर रहने के बजाय स्वच्छता, सुरक्षित भोजन-पानी, मच्छरों से बचाव और संतुलित दिनचर्या जैसी कई छोटी सावधानियों को नियमित जीवन का हिस्सा बनाना है।




