फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने मलेशिया में आयोजित 47वें आसियान शिखर सम्मेलन में भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आसियान को बहुत कुछ दे सकता है और इन्हीं मुद्दों का समाधान भारत के जरिए पाया जा सकता है। दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रुख से परेशान फिलीपींस ने भारत का समर्थन विशेष रूप से रूल ऑफ लॉ के लिए स्वीकार किया।प्रधानमंत्री मोदी की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत भारत-आसियान संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुके हैं। व्यापार, सांस्कृतिक संबंध और रक्षा सहयोग में तेजी आई है। फिलीपींस जैसे देश भारत को सहयोगी के रूप में देखते हैं, जो उन्हें दक्षिण चीन सागर के संकट से निपटने में मदद करता है। भारत-आसियान व्यापार 2024 में 131 अरब डॉलर से अधिक था और 2025 के अंत तक इसे 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।रणनीतिक दृष्टिकोण से, हिंद प्रशांत क्षेत्र में क्वाड के साथ भारत की भागीदारी आसियान देशों को मजबूती देती है। यह क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की भूमिका को दर्शाता है। सांस्कृतिक रूप से भारत का इतिहास और प्रवासी भारतीयों की मौजूदगी आसियान में गहरे संबंधों का प्रमाण है।भारत ने आसियान देशों को तूफानों के दौरान मानवीय सहायता भी दी है और मलाबार नौसेना अभ्यास द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा कवच का काम किया है। फिलीपींस जैसी देश भारतीय सेना से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और वैश्विक मामलों में भारत की आवाज का समर्थन करते हैं। हालांकि, चीन की बेल्ट एंड रोड पहल की तुलना में भारत की निवेश सीमा कम होने के कारण चुनौतियां भी बनी हुई हैं।यह शिखर सम्मेलन भारत-आसियान संबंधों की मजबूती का प्रतीक बना, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के मास्टर प्लान को साझा किया और क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक नया प्रभामंडल स्थापित किया।
ओमान के निकट व्यापारिक जहाज पर हमला, 11 भारतीयों में से एक लापता; 10 सुरक्षित
नई दिल्ली/मस्कट, 12 जुलाई। ओमान के निकट समुद्री क्षेत्र में एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के बाद उसमें कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।…



