अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों को लेकर स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है, लेकिन यह भारत के साथ उनकी ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दोस्ती को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। रूबियो ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ अमेरिका के संबंध गहरे और महत्वपूर्ण हैं, और उन्होंने कहा कि वह भारत से दोस्ती की कीमत पर पाकिस्तान के साथ संबंध नहीं बढ़ाएंगे।विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति समझदारी भरी है, जो कई देशों से संबंधों का संतुलन बखूबी रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करता आया है और आगे भी इस साझेदारी को बढ़ाना चाहता है, लेकिन यह भारत के साथ दोस्ती को प्रभावित नहीं करेगा।रूबियो ने भारत-पाकिस्तान के पुराने तनावों को लेकर भी बात की और कहा कि अमेरिका जितना संभव हो सके, अधिक से अधिक देशों के साथ दोस्ती के संबंध बनाना चाहता है। उन्होंने बताया कि इस साल जून में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ गुप्त मुलाकात हुई थी, और सितंबर में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की। ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ संबंधों को मजबूत करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।इस बयान से यह साफ हुआ कि अमेरिका की प्राथमिकता भारत और उसके साथ मजबूत दोस्ताना रिश्ते बनाए रखना है, जबकि पाकिस्तान के साथ संबंधों को भी संतुलित स्तर पर बनाए रखने की कोशिश जारी है।
ओमान के निकट व्यापारिक जहाज पर हमला, 11 भारतीयों में से एक लापता; 10 सुरक्षित
नई दिल्ली/मस्कट, 12 जुलाई। ओमान के निकट समुद्री क्षेत्र में एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के बाद उसमें कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।…



