अगस्त 2022 से उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा अध्यक्ष का दायित्व निभा रहे जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अप्रत्याशित रूप से इस्तीफे की घोषणा की। पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की सूचना दी और लिखा कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उन्हें स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी है। उनका इस्तीफा संविधान के आर्टिकल 67(a) के तहत स्वीकार किया गया।
धनखड़ ने अपने संदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल को उनके सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया।
इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। कांग्रेस ने इसे संदिग्ध बताया और संकेत दिया कि स्वास्थ्य के अलावा कोई और राजनीतिक दबाव भी हो सकता है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि इस्तीफे का कारण केवल स्वास्थ्य है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाल ही में राज्यसभा में विपक्ष द्वारा न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को स्वीकार करने के कारण सरकार और उपराष्ट्रपति के संबंधों में तनाव की स्थिति बनी थी। इससे अविश्वास प्रस्ताव की आशंका भी बनी, जिसे इस्तीफे का कारण माना जा रहा है।
वर्तमान स्थिति के अनुसार, राष्ट्रपति ने धनखड़ का इस्तीफा 22 जुलाई 2025 को स्वीकार कर लिया है। राज्यसभा के संचालन की जिम्मेदारी अब डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह को अंतरिम रूप से दी गई है। चुनाव आयोग शीघ्र ही नए उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव प्रक्रिया की घोषणा करेगा, जो संविधान के अनुसार जल्द संपन्न किया जाएगा।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को हालिया सियासी घटनाओं से भी जोड़कर देख रहे हैं।



