गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में मंदिर की जमीन की प्रस्तावित नीलामी को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद पुजारियों और धार्मिक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका दावा है कि जिस जमीन की नीलामी की तैयारी की जा रही है, वह भगवान के नाम पर दर्ज है और उसका इस्तेमाल वर्षों से मंदिर की पूजा-पाठ और रखरखाव के लिए होता रहा है।
मामला आरोन तहसील के क्यापुर गांव स्थित श्री राम-जानकी मंदिर से जुड़ा है। विरोध कर रहे पुजारियों का कहना है कि मंदिर की जमीन से होने वाली आय से दैनिक पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और मंदिर की व्यवस्थाएं संचालित होती हैं। ऐसे में इस जमीन की नीलामी से मंदिर की परंपरा और व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि देवता के नाम दर्ज जमीन की नीलामी कानून और अदालतों के पूर्व आदेशों के खिलाफ है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि देवता के नाम दर्ज संपत्ति के मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।
वहीं, पुजारियों और धार्मिक संगठनों ने नीलामी की प्रक्रिया तत्काल रोकने, जारी नोटिस वापस लेने और मंदिर की जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



