भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर नई नीति लागू कर दी है। इसके तहत प्रदेश में 1 जून से 15 जून 2026 के बीच सामान्य तबादले किए जाएंगे। इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, तय अवधि के दौरान विभाग अपने स्तर पर ट्रांसफर आदेश जारी कर सकेंगे। 15 जून के बाद सामान्य तबादलों पर फिर से रोक लागू हो जाएगी।
नई व्यवस्था में कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से तबादलों की सीमा भी तय की गई है। छोटे विभागों में अधिकतम 20 प्रतिशत तक कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे, जबकि बड़े विभागों में यह सीमा कम रखी गई है।
सरकार ने आदिवासी और दूरस्थ इलाकों को प्राथमिकता देने की बात कही है। पहले इन क्षेत्रों के रिक्त पद भरे जाएंगे। इसके अलावा पति-पत्नी को एक ही शहर या आसपास पदस्थ करने के प्रावधान को भी नीति में शामिल किया गया है।
गंभीर बीमारी से पीड़ित और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग कर्मचारियों को विशेष राहत देने का प्रावधान रखा गया है। ऐसे मामलों में मानवीय आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
नई नीति के तहत जिला स्तर के तबादलों के लिए संबंधित प्रभारी मंत्री की सहमति जरूरी होगी। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी दी जाएगी।
सरकार का दावा है कि नई तबादला नीति से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।



