मानसून सत्र कब से और क्यों चर्चा में?
- शुरुआत: 21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है।
- सरकार की तैयारी: सरकार इस बार 8 नए बिल लेकर आ रही है—हंगामे के पूरे आसार हैं!
- पिछला ट्रैक रिकॉर्ड:
- लोकसभा की उत्पादकता: सिर्फ 18% (मतलब, आधे से भी कम)
- राज्यसभा: 119% (यहाँ तो फुल ऑन काम हुआ)
- हाइलाइट: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का मुद्दा फिर से गर्माएगा। 13 फरवरी से लागू है, 13 अगस्त तक बढ़ाने की तैयारी।
कौन-कौन से बिल आ सकते हैं?
- मुख्य बिल:
- मणिपुर GST (संशोधन) बिल
- जन विश्वास (संशोधन) बिल
- IIM (संशोधन) बिल
- टैक्सेशन लॉ (संशोधन) बिल
- भू-विरासत स्थल संरक्षण बिल
- खान और खान (संशोधन) बिल
- नेशनल स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन बिल
- डोपिंग रोधी (संशोधन) बिल
- कुछ और बिल, जो लाइन में हैं:
- गोवा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी प्रतिनिधित्व
- मर्चेंट शिपिंग बिल
- इंडियन पोर्ट्स बिल
- नया इनकम टैक्स बिल
पिछला सत्र कैसा रहा था?
- क्या-क्या हुआ:
- कुल 16 बिल पास हुए
- खूब हंगामा भी मचा
- आखिर में वक्फ (संशोधन) जैसे घमासान बिल भी पास हो ही गए
अबकी बार क्या उम्मीद करें?
- सरकार बिलों की बौछार करने वाली है, पर असली सवाल—काम ज्यादा होगा या सिर्फ हंगामा?
- Honestly, देखने में तो यही मजा रहेगा कि कौन सा ड्रामा टीवी पर छा जाता है!
21 जुलाई से संसद में फिर हलचल मचेगी। सरकार अपने बिलों के साथ तैयार है, विपक्ष भी पीछे नहीं हटेगा। असली मसाला तो सत्र शुरू होने के बाद ही मिलेगा!



