मंडी, हिमाचल। 2024 के चुनाव में मोदी लहर पर चढ़कर कंगना रनौत ने मंडी से कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह को 74,000 से ज्यादा वोटों से धूल चटा दी। लेकिन 18 महीने बाद सांसद बनने के बाद उनकी हरकतें देखकर लोग कह रहे हैं कि ये तो फिल्मी स्टार वाली VIP वाली आदतें छोड़ ही नहीं पाईं। संसद में तो 84% अटेंडेंस, 15 बहसें और 126 सवाल पूछे, लेकिन घर-घर जाकर जनता की सुनने का टाइम कहां?
संसद ठीक, लेकिन गांव भूले
लोकसभा में कंगना ने मोदी जी की खूब तारीफ की, खुद को उनकी ‘आर्मी’ बताया। विपक्ष पर भी भड़कीं। लेकिन मंडी में सड़कें टूटीं, नालियां भरीं तो बोलीं- ये पंचायत का काम है, सांसद को क्या फर्क पड़ता है? जुलाई 2025 की बाढ़ में देर से पहुंचीं, ऊपर से बेपरवाह बातें कीं तो लोग भड़क गए।
VIP वाली फीलिंग और जनता का गुस्सा
फिल्मी बैकग्राउंड वाली कंगना को राजनीति पसंद ही नहीं आ रही। खुद बोलीं- लोग नाली-कुंडी की शिकायतें लेकर आते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हैं जहां लोग चिल्ला रहे हैं कि सांसद से मिलना मुश्किल है। चुनावी वक्त में घर-घर घूमीं, अब गुरेज कर रही हैं। विपक्ष बोलता है- एक्सीडेंटल सांसद बनीं, बस मोदी लहर ने उछाल दियाI
National Pillar का संपर्क फेल
National Pillar ने बार-बार संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं। हमारी टीम ने मंडी में घूम-घूमकर सर्वे किया तो साफ लगा- इन्हें ‘एक्सीडेंटल सांसद’ कहना बिल्कुल गलत नहीं। दिल्ली-मुंबई में टाइम बिता रही हैं, मंडी को भूल गईं। BJP वाले भी परेशान हैं।
आगे क्या होगा?
संसद में तो ठीक हैं, लेकिन जनता से कनेक्ट न होने से इमेज खराब हो रही। उभरती महिला लीडर दिखाने के चक्कर में ये आलोचनाएं बैलेंस करनी पड़ेंगी। अगर नहीं सुधरीं तो 2029 में मुश्किल हो जाएगी। मंडी वाले अब स्टार नहीं, अपना सेवक चाहते हैं।



