मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के लिए कुल ₹281 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, जिससे शहरी विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है। इस अवसर पर अंतरराज्यीय बस स्टैंड परिसर में आयोजित समारोह में दोनों नेताओं ने ग्वालियर क्षेत्र के नागरिकों को विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के ग्वालियर क्षेत्र के प्रति विशेष संबंध एवं संवेदनशीलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जब भी ग्वालियर आते हैं, वे क्षेत्र के लिए नई विकास योजनाएँ लेकर आते हैं। सिंधिया ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने जौरासी में निर्माणाधीन अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण हेतु ₹12 करोड़ की राशि स्वीकृत की है, जबकि इससे पूर्व प्रथम चरण के लिए राज्य सरकार द्वारा ₹8 करोड़ जारी किए गए थे। सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्यप्रदेश के साथ जुड़ाव को भी रेखांकित किया।
उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर ग्वालियर को आठ प्रमुख विकास परियोजनाएँ प्राप्त हुई हैं। इनमें बिरला नगर सिविल अस्पताल में ₹15 करोड़ की लागत से नया भवन, बालक हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना (₹20 करोड़), सांदीपनि कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल (₹36 करोड़), 32 केवी जीआईएस विद्युत सब स्टेशन (₹112 करोड़), वंडर पार्क (₹2.67 करोड़), स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (₹2.84 करोड़), ISBT बस अड्डा (₹77 करोड़) तथा जेएच अस्पताल को जोड़ने वाला अंडरब्रिज (₹16.15 करोड़) शामिल हैं। इन परियोजनाओं के तहत शहरी अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जाएगी।
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उनके 13 माह के शासनकाल में ग्वालियर को कोई महत्वपूर्ण परियोजना नहीं मिली। इसके विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र का विकास दोगुनी गति से हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में प्रारंभ हुई ग्वालियर-बैंगलोर ट्रेन से यात्रियों के समय की बचत होगी। साथ ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत 28 किलोमीटर लंबे बाईपास (₹1347 करोड़) की भी चर्चा की।
सिंधिया ने यह भी बताया कि डेढ़ वर्ष में ₹4613 करोड़ की लागत से 6-लेन आगरा-ग्वालियर हाईस्पीड कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही, ₹1300 करोड़ की लागत से पूरे शहर में एलिवेटेड सड़क, ₹995 करोड़ की लागत से वेस्टर्न बाईपास तथा ₹11,000 करोड़ की लागत से अटल एक्सप्रेसवे का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। कार्यक्रम के समापन पर सिंधिया ने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में ग्वालियर विकास का पर्याय बनेगा।



