भोपाल।
राजधानी सहित प्रदेश के कई जिलों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए और विधानसभा में भी सवाल उठाए गए। अब बिजली कंपनी ने पहली बार इस विषय पर खुलकर सफाई दी है।
सोमवार को आयोजित मीडिया वर्कशॉप में बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह से सही तरीके से काम कर रहे हैं और इनमें किसी भी तरह की तकनीकी खराबी नहीं पाई गई है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को जो बिल अधिक लग रहा है, वह दरअसल पुराने मीटरों की गड़बड़ी के कारण था, जबकि अब खपत की सही रीडिंग मिल रही है।
डिप्टी चीफ इंजीनियर बीएस परिहार ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्मार्ट मीटर को लेकर कुल 547 शिकायतें दर्ज की गई थीं। सभी मामलों की जांच की गई, लेकिन किसी में भी यह साबित नहीं हुआ कि उपभोक्ता को गलत बिल दिया गया हो। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से रीडिंग रिमोट तरीके से ली जाती है, जिससे मानवीय गलती की संभावना नहीं रहती।
अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार पर 20% तक की छूट दी जा रही है। यह लाभ केवल 10 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा।
भोपाल में अब तक करीब 1 लाख 89 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कुछ स्थानों पर इन मीटरों के साथ-साथ चेक मीटर भी लगाए गए हैं, जिनसे पता चला है कि दोनों में खपत में कोई फर्क नहीं है। इससे साफ है कि स्मार्ट मीटर सही काम कर रहे हैं।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की योजना है कि कुल 16 जिलों में 41 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। इनमें भोपाल में करीब 6 लाख मीटर लगाने का काम दो अलग-अलग निजी कंपनियों को सौंपा गया है।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अगर उन्हें बिल को लेकर कोई शंका हो तो वे विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। हर शिकायत की जांच की जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर सुधार भी किया जाएगा।



