सरकार और TRAI का बड़ा कदम: मीडिया एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को मिलेगा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मौकानई दिल्ली:
भारत अब केवल फिल्मों और टीवी सीरियलों तक सीमित नहीं रहेगा। केंद्र सरकार और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) मिलकर देश को एक वैश्विक मीडिया और एंटरटेनमेंट हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि भारतीय कहानियाँ, तकनीक और क्रिएटिव टैलेंट पूरी दुनिया में पहुंचे और भारत की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मज़बूती मिले।
फोकस सेक्टर: जहां दिख रहा है बड़ा मौका
AVGC-XR इंडस्ट्री में तेज़ी
(एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी)
यह सेक्टर लगभग 30% की वार्षिक दर से बढ़ रहा है। सरकार इसे “नए भारत की क्रिएटिव ताकत” मान रही है और इसे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में लीडर बनाना चाहती है।
भारतीय कंटेंट की ग्लोबल डिमांड
OTT प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय फिल्में और वेब सीरीज़ 200 से अधिक देशों में देखी जा रही हैं। अब इन कहानियों को दुनिया के और ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने के प्रयास तेज़ होंगे।
कॉन्सर्ट और लाइव इवेंट्स को मिलेगा सपोर्ट
सरकार बड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, म्यूजिक कॉन्सर्ट्स और लाइव इवेंट्स के आयोजन में आने वाली कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों को कम करना चाहती है।
पायरेसी के खिलाफ सख्ती
मीडिया कंटेंट की चोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मजबूत IP लॉ और डिजिटल प्रोटेक्शन के ज़रिए क्रिएटर्स की कमाई और अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
रेगुलेशन का नया संतुलन
TRAI का जोर है कि OTT और टीवी दोनों प्लेटफॉर्म्स को बराबर अवसर मिलें।
जहां OTT यूजर्स की संख्या 60 करोड़ के पार पहुंच चुकी है, वहीं भारत के करीब 19 करोड़ घर अभी भी पारंपरिक टीवी देख रहे हैं।
TRAI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बड़ी कंपनियों का एकाधिकार न बने और छोटे क्रिएटर्स व स्टार्टअप्स को भी ग्रोथ के मौके मिलें।
💬 “यह सिर्फ उद्योग नहीं, भारत की सांस्कृतिक ताकत है”
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हमारी क्रिएटिव इकोनॉमी सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं है। यह भारत की सोच, संस्कृति और पहचान को दुनिया में फैलाने का माध्यम है।”
रोज़गार और निवेश में भी आएगा उछाल
- भारत की मीडिया एवं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री फिलहाल लगभग 8 करोड़ लोगों को रोजगार देती है।
- नई पॉलिसियों और ग्लोबल एक्सपोजर से अंतरराष्ट्रीय निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार की यह रणनीति भारत को तकनीक के साथ-साथ क्रिएटिव क्षेत्र में भी एक सुपरपावर बनाने की दिशा में अहम कदम है। अगर यह विज़न सही तरीके से लागू होता है, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल कंटेंट का निर्माता होगा, बल्कि विश्व मंच पर अपनी सांस्कृतिक छवि को भी स्थापित करेगा।



