नई दिल्ली, — भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जानकारी दी है कि अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में $4.1 अरब की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के बाद देश का कुल विदेशी भंडार घटकर $592.2 अरब रह गया है।
क्या होता है विदेशी मुद्रा भंडार?
विदेशी मुद्रा भंडार वह रकम होती है जो देश के पास विदेशी मुद्राओं, सोने, और अन्य संपत्तियों के रूप में होती है। इसका इस्तेमाल आयात करने, कर्ज चुकाने और रुपये को स्थिर रखने के लिए किया जाता है।
गिरावट के मुख्य कारण:
- डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी
- विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी निकालना
- सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमी
- RBI द्वारा बाजार में दखल (Intervention) देना
विशेषज्ञों की राय:
आर्थिक जानकारों का मानना है कि यह गिरावट स्थायी नहीं है, और जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाज़ार स्थिर होगा, भंडार की स्थिति में भी सुधार आएगा।
स्थिति अभी भी सुरक्षित:
RBI ने कहा है कि भले ही गिरावट दर्ज हुई हो, लेकिन भारत के पास अब भी पर्याप्त विदेशी भंडार मौजूद है। यह 6 से 7 महीने के आयात खर्च को कवर करने में सक्षम है।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह गिरावट चिंता की बात तो है, लेकिन यह कोई आर्थिक संकट का संकेत नहीं है। सरकार और RBI स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और निकट भविष्य में स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है।



