डॉ. सुधांश पांडेय
“जब शुगर की रिपोर्ट 300 पार गई…” – तभी मुझे एहसास हुआ कि बदलाव ज़रूरी है।
ये कहना है 54 वर्षीय संगीता देवी का, जिन्हें डॉक्टर ने इंसुलिन शुरू करने की चेतावनी दी थी। लेकिन उन्होंने दवा के साथ-साथ जीवनशैली में भारतीय परंपराओं को अपनाकर अपनी शुगर को 3 महीने में कंट्रोल कर लिया।
भारत में मौजूद आयुर्वेदिक, खानपान और दिनचर्या की परंपराएं डायबिटीज से लड़ने में बेहद कारगर हैं। आइए जानते हैं वो 7 आसान आदतें, जो आपको भी मदद कर सकती हैं।
1. सुबह का पानी – दिन की सबसे सस्ती दवा
- सुबह उठकर 1 गिलास गुनगुना पानी + 1 चुटकी मेथी पाउडर
- इससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे कम होता है
2. प्लेट को आधा करें – भोजन का हिस्सा भी अहम
- आधी प्लेट हरी सब्ज़ियाँ
- 1/4 दाल या प्रोटीन
- 1/4 रोटी या ब्राउन राइस
3. खाने के बाद टहलना – भारत की परंपरा, विज्ञान से सिद्ध
- खाने के 15 मिनट बाद 10 मिनट की वॉक ब्लड शुगर को spike होने से रोकती है।
4. योग और प्राणायाम – insulin sensitivity को बढ़ाए
- भुजंगासन, मंडूकासन, और कपालभाति खास तौर पर फायदेमंद
5. चाय में बदलाव – शक्कर नहीं, दालचीनी डालें
- शक्कर छोड़ें, और herbal या दालचीनी वाली चाय अपनाएं
- दालचीनी ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार
6. एक ही समय पर खाना – routine सबसे ज़रूरी है
- हर दिन एक ही समय पर खाना खाने से metabolism स्थिर होता है
7. हर 3 महीने में HbA1c टेस्ट ज़रूर कराएं
- ये आपकी 3 महीने की औसत शुगर स्थिति बताता है
- डॉक्टर की सलाह से इलाज और डायट तय करें
डायबिटीज को सिर्फ दवाओं से नहीं, बल्कि जीवनशैली और आदतों से भी कंट्रोल किया जा सकता है।
भारतीय परंपराएँ इसमें आपकी मदद कर सकती हैं — बस उन्हें अपनाने का मन बनाइए।




