सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की सब्सिडी को लेकर एक अहम फैसला लिया है। अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को 14.2 किलो के सिलेंडर पर प्रति वर्ष 9 रिफिल (छोटे सिलेंडर वालों को अनुपात के हिसाब से) के लिए 300 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी मिलेगी। इस फैसले के लिए केंद्र ने 12,000 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जो 2025-26 के दौरान लागू रहेगा।
देशभर में अभी तक 10.33 करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन वितरित हो चुके हैं। इन सभी ग्राहकों को डिपॉजिट-फ्री कनेक्शन मिलता है, जिसमें सिलेंडर, रेगुलेटर, पाइप, कंज्यूमर कार्ड, और इंस्टॉलेशन चार्ज शामिल हैं। उज्ज्वला 2.0 के तहत पहला रिफिल और चूल्हा भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाता है। इन सभी खर्चों का वहन सरकार या ऑयल मार्केटिंग कंपनियां करती हैं, उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता।
गौरतलब है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम में उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है। ऐसे में, लाभार्थियों को महंगाई के असर से बचाने के लिए सरकार ने मई 2022 में प्रति वर्ष 12 रिफिल तक 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी शुरू की थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया।
वर्ष 2019-20 में जहां प्रति उपभोक्ता औसत खपत 3 रिफिल थी, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 3.68 और 2024-25 में 4.47 रिफिल तक पहुंच गई है। सरकार का उद्देश्य यही है कि एलपीजी की पहुंच और उपयोगिता बनी रहे और उपभोक्ता बढ़ती कीमतों से सुरक्षित रहें।



