कांग्रेस की मीटिंग में आज जबरदस्त brainstorming चली—मानसून सत्र में कौन-कौन से मुद्दे लेकर सरकार की नाक में दम करना है, इस पर खूब माथापच्ची हुई। पार्टी ने तय किया है, यार, इस बार पहलगाम वाला आतंकी हमला छोड़ेंगे नहीं, ऊपर से ऑपरेशन सिंदूर के बाद जो अचानक सीजफायर का तमाशा हुआ, उसकी भी बैंड बजाएंगे। और बिहार में जो एसआईआर का नया झमेला चल रहा है, उस पर भी सरकार से दो-चार तीखे सवाल पूछे जाएंगे।
बाकी, जम्मू-कश्मीर को फिर से फुल स्टेट का दर्जा दिलाने की बातें होंगी, महिलाओं पर जो जुल्म बढ़ रहे हैं, बेरोजगारी का आलम, किसानों की हालत—सब एजेंडे में है। ऊपर से अमेरिकी टैरिफ का मसला—ये भी छोड़ने वाले नहीं।
बैठक सोनिया गांधी के घर 10 जनपथ पर हुई। राहुल गांधी, खड़गे, प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, के सुरेश, मणिकम टैगोर—सब पहुंचे थे। प्रमोद तिवारी ने बाद में प्रेस से कहा, देखिए, पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए, अब PM से जवाब तो बनता है। सुरक्षा में लापरवाही हुई, रैपिड रिस्पॉन्स टीम थी ही नहीं—ये सब सवाल उठेंगे।
अब जरा सोचिए, जब सेना ने पाकिस्तान में धमाका किया (ऑपरेशन सिंदूर), उसी वक्त अचानक सीजफायर क्यों किया गया? कांग्रेस इस पर सरकार को घेरने वाली है।
बिहार का एसआईआर? तिवारी बोले—ये लोकतंत्र के लिए खतरा है, इस पर बहस तो होनी ही चाहिए। जम्मू-कश्मीर स्टेटहुड, महिलाओं पर बढ़ती हिंसा, बेरोज़गारी, महंगाई, अमेरिकी टैरिफ—कुल मिलाकर मुद्दों की कमी नहीं है।
अमेरिका में जज यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग नोटिस—इस पर भी कांग्रेस दूसरे दलों से बात करके संसद में सरकार की क्लास लेगी। ऊपर से आरोप भी—गैर-भाजपा राज्यों के साथ भेदभाव चल रहा है, ये भी संसद में उठेगा।
मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा। कांग्रेस ने ठान लिया है—एसआईआर को गैर-संवैधानिक बताकर हटवाएंगे, पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में बहस छेड़ेंगे। इस बार सरकार की खैर नहीं, ऐसा फुल प्लान लग रहा है।



