जबलपुर, 20 अगस्त। फसलों में खरपतवार की समस्या से निपटने और किसानों को वैज्ञानिक प्रबंधन तकनीकों से जोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और भदोही जिलों के 55 प्रगतिशील किसानों एवं अधिकारियों ने जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय का भ्रमण किया। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के सहयोग से पहुंचे दल ने संस्थान के प्रक्षेत्र, टेक्नोलॉजी पार्क और गाजरघास नेट हाउस का अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान किसानों को फसलों में खरपतवार की पहचान, उसके प्रभाव और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को खरपतवार प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
वैज्ञानिकों ने समझाई खरपतवार प्रबंधन की तकनीक
खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के सभागार में वैज्ञानिकों ने उन्नत खरपतवार प्रबंधन विषय पर व्याख्यान और परिचर्चा आयोजित की। वैज्ञानिकों ने बताया कि फसलों में खरपतवार की सही पहचान और समय पर उसका प्रभावी प्रबंधन उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
किसानों को खरपतवारों के प्रभाव तथा उनके वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए अपनाई जाने वाली आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
किसानों ने वैज्ञानिकों से सीधे किए सवाल
कार्यक्रम के दौरान किसानों और अधिकारियों ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया। उन्होंने खरपतवार प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस दौरान किसानों को तकनीकी जानकारी से संबंधित प्रसार पुस्तिका भी उपलब्ध कराई गई, ताकि वे प्राप्त जानकारी का उपयोग अपने कृषि कार्य में कर सकें।
खेतों में खरपतवार प्रबंधन पर बढ़ रहा जोर
खरपतवार फसलों के साथ पानी, पोषक तत्व और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। ऐसे में उनका प्रभावी प्रबंधन किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि गतिविधियों में शामिल है। जबलपुर में आयोजित यह भ्रमण किसानों को शोध संस्थान में विकसित और प्रदर्शित तकनीकों को करीब से समझने का अवसर देता है।
PIB भोपाल के अनुसार, उत्तर प्रदेश से आए दल ने निदेशालय के विभिन्न परिसरों का भ्रमण कर खरपतवार प्रबंधन से संबंधित तकनीकी जानकारी हासिल की।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भोपाल।


