मुंबई। महाराष्ट्र में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। राज्य के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, लैंडस्लाइड और जलभराव की घटनाओं के बीच अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए मुंबई में सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है, जबकि प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
सबसे ज्यादा असर मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और पुणे समेत कोंकण क्षेत्र के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई जगहों पर वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।
बारिश के साथ हुए भूस्खलन ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुंबई-पुणे रेल मार्ग के कर्जत-लोनावला सेक्शन में पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। रेलवे ने ट्रैक से मलबा हटाने के लिए राहत और मरम्मत अभियान चलाया। कुछ ट्रेनों को रोका गया, जबकि कुछ के रूट में बदलाव किया गया ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय, पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने को कहा है।
सरकार का कहना है कि सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है.



