गुरु, दीक्षा एवं मुहूर्त-विवेचन

गुरु का स्वरूप एवं चयन

कोई व्यक्ति केवल बाह्य रूप से सन्त दिखाई दे, इतना पर्याप्त नहीं है। प्रश्न उसके वास्तविक गुणों और आन्तरिक स्वरूप का है। वह किसी भी वर्ग या समुदाय का क्यों न हो, उसमें गुरु के आवश्यक लक्षण होने चाहिए।

कभी-कभी कुछ व्यक्ति बाह्य रूप में बड़े साधु, विद्वान अथवा देवतुल्य प्रतीत होते हैं, किन्तु सिद्धान्त और साधना की कसौटी पर उनका वास्तविक स्वरूप विपरीत सिद्ध होता है। दूसरी ओर, कभी-कभी ऐसे सन्त भी मिलते हैं जो बाह्य रूप में अत्यन्त साधारण अथवा कुरूप दिखाई पड़ते हैं, किन्तु उनका अन्तःकरण दिव्य होता है और वे सद्गुणों के भण्डार होते हैं।

गुरु की खोज में यदि साधक निम्न संकेतों को ध्यान में रखे, तो उसे सरलता से उचित गुरु की प्राप्ति हो सकती है—

  • गुरु शान्तचित्त, सदाचारी, सरल तथा सत्यप्रिय हो।
  • विचारों से आस्तिक हो।
  • दैनिक पूजा-अर्चना करने वाला हो।
  • अपने धर्मानुसार आचरण करता हो।
  • सहज, सरल और सात्त्विक जीवन जीता हो।
  • क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और पाखण्ड से दूर हो।
  • भौतिक विषयों के प्रति विरक्त हो।
  • राजनीति, कलह और षड्यन्त्रों से दूर रहता हो।
  • चञ्चलता, विलास और आडम्बर से रहित हो।
  • निष्कपट, विनयी, जागरूक और मेधावी हो।
  • विवेकशील, परोपकारी और ग्रहणशील हो।

त्याज्य गुरु के लक्षण

निम्नलिखित दोषों से युक्त व्यक्ति गुरु-पद के योग्य नहीं माना गया है—

  • रोगी एवं रुग्ण-शरीर वाला
  • कपटी, पाखण्डी और आडम्बरप्रिय
  • विकृताङ्ग, पंगु अथवा अंग-भंग
  • अत्यधिक या हीन अंग वाला
  • अतिभोजी और विषयासक्त
  • लम्पट, धूर्त और विवादप्रिय
  • आस्था-रहित एवं गुरु-निन्दक
  • ईर्ष्यालु, द्वेषी और अहंकारी
  • हिंसक तथा परपीड़क
  • स्त्री, धन और संग्रह में आसक्त
  • अपराधी एवं अराजक प्रवृत्ति वाला

ऐसे व्यक्तियों को साधना और गुरु-पद के लिए अनुपयुक्त माना गया है।

दीक्षा

दीक्षा का अभिप्राय है — गुरु द्वारा मन्त्रोपदेश।

साधना के सम्बन्ध में आवश्यक ज्ञान, गुप्त तथ्य तथा सावधानियाँ गुरु से ही प्राप्त होती हैं। दीक्षा के पश्चात गुरु साधक को क्रमशः साधना का प्रशिक्षण देता है।

गुरु साधक की शारीरिक, मानसिक तथा अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उचित निर्देश देता है। गुरु के अभाव में साधना के समय अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

साधना-काल में भौतिक तथा सूक्ष्म विघ्न उपस्थित होते रहते हैं, किन्तु गुरु द्वारा दीक्षित साधक निर्भय रहता है क्योंकि गुरु की कृपा उसकी रक्षा करती है।

दीक्षा-प्राप्ति का मुहूर्त

मुहूर्त का अर्थ है — विशेष कालखण्ड। प्रत्येक समय प्रत्येक कार्य के लिए अनुकूल नहीं होता।

तारे, नक्षत्र, राशियाँ और ग्रह अपने प्रभाव से सम्पूर्ण सृष्टि तथा मानव-मन को प्रभावित करते हैं। इसी प्रभाव के कारण कुछ समय शुभ और कुछ अशुभ माने गए हैं।

दीक्षा-प्राप्ति के लिए शुभ मुहूर्त का विचार अत्यन्त आवश्यक माना गया है।

मास-विवेचन

वर्जित मास

  • मलमास
  • भाद्रपद
  • पौष

श्रेष्ठ मास

  • क्वार (आश्विन)
  • कार्तिक

मध्यम मास

  • अगहन (मार्गशीर्ष)
  • फाल्गुन

निम्न-कोटि

  • आषाढ़

विभिन्न मासों के प्रभाव

  • चैत्र — गोपाल मन्त्र हेतु सिद्धिदायक
  • वैशाख — धन-प्रदायक
  • ज्येष्ठ — मृत्यु-योगकारक
  • आषाढ़ — कुटुम्ब-हानिकारक
  • सावन — दीर्घायु-प्रदायक
  • भाद्रपद — सन्तान-नाशक
  • क्वार — रत्न-लाभदायक
  • कार्तिक एवं अगहन — मन्त्र-सिद्धिदायक
  • पौष — ईर्ष्या-द्वेषकारक
  • माघ — बुद्धि एवं वैभवदायक
  • फाल्गुन — मनोरथ-पूर्ण करने वाला

पक्ष-विवेचन

कृष्णपक्ष

आध्यात्मिक उन्नति और ईश्वर-सामीप्य हेतु श्रेष्ठ।

शुक्लपक्ष

भौतिक सुख और सांसारिक सिद्धियों हेतु श्रेष्ठ।

तिथि-विवेचन

शुभ तिथियाँ—

  • द्वितीया
  • पंचमी
  • सप्तमी
  • दशमी
  • त्रयोदशी
  • पूर्णिमा

तिथियों के प्रभाव—

  • प्रतिपदा — ज्ञान-नाश
  • द्वितीया/तृतीया — ज्ञान एवं शील-वृद्धि
  • चतुर्थी — धन-नाश
  • पंचमी — बुद्धि-वृद्धि
  • षष्ठी — बुद्धि-भ्रष्टता
  • सप्तमी — सुख-वृद्धि
  • अष्टमी — मानसिक अशान्ति
  • नवमी — रोग-वृद्धि
  • दशमी — राज-सम्मान
  • एकादशी — शुचिता
  • द्वादशी — सर्व-सिद्धि
  • त्रयोदशी — दारिद्र्य
  • चतुर्दशी — पक्षी-योनि
  • अमावस्या — कार्य-विघ्न
  • पूर्णिमा — धर्म-वृद्धि

वार-विवेचन

शुभ वार

  • रविवार
  • सोमवार
  • बुधवार
  • गुरुवार
  • शुक्रवार

वर्जित वार

  • मंगलवार
  • शनिवार

वारों के प्रभाव

  • रविवार — धन-लाभ
  • सोमवार — शान्ति
  • मंगलवार — आयु-क्षय
  • बुधवार — सम्पत्ति-वृद्धि
  • गुरुवार — ज्ञान-वृद्धि
  • शुक्रवार — दुर्भाग्य
  • शनिवार — कलंक

लग्न

श्रेष्ठ लग्न—

  • मेष
  • कर्क
  • वृश्चिक
  • तुला
  • मकर
  • कुम्भ

अन्य लग्न प्रतिकूल माने गए हैं।

नक्षत्र

सर्वश्रेष्ठ

  • पुष्य

अन्य शुभ नक्षत्र

  • हस्त
  • अश्विनी
  • रोहिणी
  • स्वाति
  • विशाखा
  • ज्येष्ठा
  • उत्तराफाल्गुनी
  • उत्तराषाढ़ा
  • उत्तराभाद्रपद
  • श्रवण
  • आर्द्रा
  • धनिष्ठा
  • शतभिषा

विशेष शुभ अवसर

निम्न अवसर अत्यन्त शुभ माने गए हैं—

  • सूर्यग्रहण
  • चन्द्रग्रहण
  • भाद्रपद षष्ठी
  • क्वार कृष्ण त्रयोदशी
  • कार्तिक शुक्ल नवमी
  • सावन कृष्ण पंचमी

स्थान-विवेचन

शुभ स्थान

  • गोशाला
  • उपवन
  • पर्वत-शिखर
  • पर्वतीय गुफा
  • तीर्थ
  • नदी-तट
  • गुरु का निवास
  • देव-मन्दिर
  • वन
  • इमली-वृक्ष के समीप
  • गंगा-तट

निषिद्ध स्थान

  • चन्द्र-पर्वत
  • कन्या-गृह
  • मातंग-देश
  • विरजा-तीर्थ
  • सूर्य-क्षेत्र
  • गया-धाम
  • भट्ट-ग्राम

विशेष अनुकूलता

यदि साधक गंगा-तट, कुरुक्षेत्र, प्रयाग, मथुरा अथवा काशी जैसे पवित्र स्थानों पर दीक्षा ग्रहण करे, तो अनेक मुहूर्त-दोष स्वतः शान्त माने गए हैं।

यदि दीक्षा सिद्ध गुरु की आज्ञा से ली जाए, तो भी अनेक निषेध प्रभावहीन माने जाते हैं।

साधना हेतु श्रेष्ठ स्थान

  • संगम-तट
  • बेल-वृक्ष की छाया
  • तुलसी-उद्यान
  • पीपल अथवा आँवले की छाया
  • प्राचीन तपोभूमि
  • कन्दरा या चट्टान

आसन

मन्त्र-साधना में आसन का विशेष महत्व माना गया है। उचित आसन साधना की स्थिरता, एकाग्रता तथा सफलता में सहायक होता है।

  • Related Posts

    सोमनाथ 1000 साल: स्वामी अवधेशानंद गिरि ने पीएम मोदी के ब्लॉग को बताया प्रेरणादायक

    नई दिल्ली: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि ने हाल ही में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के 1000 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्लॉग को प्रेरणादायक बताया। प्रधानमंत्री…

    “महाकालेश्वर उज्जैन: कालों के काल का पवित्र निवास”

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर न केवल भारतीय संस्कृति और धर्म का अमूल्य धरोहर है, बल्कि यह समय और मृत्यु के स्वामी, भगवान शिव के महाकाल रूप का अभूतपूर्व प्रतीक भी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    कामधेनु योजना में पशु खरीद पर सवाल: मैदानी सर्वे में बिना टैग पशु और कथित फर्जी खरीद बिल की शिकायतें

    कामधेनु योजना में पशु खरीद पर सवाल: मैदानी सर्वे में बिना टैग पशु और कथित फर्जी खरीद बिल की शिकायतें

    CJP का लातूर के सरकारी स्कूलों पर सोशल ऑडिट, अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग की

    दिल्ली की महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2,500, 1 सितंबर से खाते में आएगी सहायता

    भारत-जापान के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा, समुद्री सुरक्षा और ‘मेक इन इंडिया’ पर बनी सहमति

    राजीव गांधी जयंती पर दिल्ली कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, राजीव भवन में लगा मेडिकल कैंप

    राजीव गांधी जयंती पर दिल्ली कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, राजीव भवन में लगा मेडिकल कैंप

    जबलपुर पहुंचे यूपी के 55 किसान और अधिकारी, वैज्ञानिकों से सीखी खरपतवार प्रबंधन की आधुनिक तकनीक

    जबलपुर पहुंचे यूपी के 55 किसान और अधिकारी, वैज्ञानिकों से सीखी खरपतवार प्रबंधन की आधुनिक तकनीक