संस्कार, संसाधन और संकल्प से सृजित समृद्ध मध्यप्रदेश भर रहा आत्मनिर्भरता की नई उड़ान – अर्पित पोद्दार
एक नवंबर का दिन केवल मध्यप्रदेश स्थापना दिवस नहीं, बल्कि उस गौरवशाली यात्रा का उत्सव है जिसने प्रदेश को आत्मनिर्भरता, सुशासन और समग्र विकास की दिशा में अग्रसर किया है। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने नीति, निष्ठा और नवाचार के त्रिवेणी संगम से विकास की नई परिभाषा गढ़ी है।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का लक्ष्य केवल आर्थिक सशक्तिकरण तक सीमित नहीं, बल्कि यह सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पहल है। युवाओं के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और स्टार्टअप नीति जैसे कदम उन्हें रोजगार देने के साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की बेटियों और बहनों के जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता का संचार किया है।
कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीक और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर प्रदेश आज खाद्यान्न उत्पादकता में अग्रणी बन चुका है। वहीं, मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान और सीएम हेल्पलाइन 181 जैसी पहलें शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।संस्कृति, पर्यटन और निवेश के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय पहचान बनाई है, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और खजुराहो डांस फेस्टिवल जैसे आयोजन प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बनेगा — जहाँ हर नागरिक सक्षम हो, हर गाँव समृद्ध हो और हर युवा स्वाभिमान से परिपूर्ण हो। यही विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की सच्ची पहचान होगी।



