भोपाल के ओल्ड अशोका गार्डन का नाम बदलकर अब ‘राम बाग’ किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बदलाव के पीछे क्षेत्र के नागरिकों की मांग प्रमुख वजह रही है, जिसे महापौर मालती राय ने समर्थन दिया है। गौरतलब है कि 1969 में भी क्षेत्र का नाम परिवर्तन हुआ था—तब ‘राजा राम का बाग’ को ‘अशोका गार्डन’ नाम दिया गया था, क्योंकि क्षेत्र में अशोक के वृक्षों की अधिकता थी। अब एक बार फिर जनता की पहल पर मूल नाम को पुनर्स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
यही नहीं, विवेकानंद पार्क के पास स्थित चौराहे का नाम भी ‘विवेकानंद चौक’ किए जाने का प्रस्ताव नगर निगम परिषद की आगामी बैठक में रखा जाएगा। यह बैठक 24 जुलाई को प्रातः 11 बजे ISBT स्थित निगम कार्यालय में आयोजित होगी, और एजेंडा पहले से निर्धारित कर लिया गया है।
वार्ड-69 के पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने बताया है कि नाम परिवर्तन का प्रस्ताव क्षेत्र की जनता एवं पुराना अशोका गार्डन सुधार समिति द्वारा तैयार किया गया है। इसे एजेंडे में शामिल कर लिया गया है और परिषद में प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, नगर निगम की बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मूर्ति विसर्जन कुंड बनाए जाने के प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में 4.45 करोड़ रुपये की लागत से कुंड निर्माण का प्रावधान है, जिसमें शेड, मॉनिटरिंग टॉवर, रिटेनिंग वॉल, पाथ-वे, बाउंड्री वॉल, ड्रेन कलवर्ट, इलेक्ट्रिफिकेशन एवं एंट्रेंस गेट शामिल होंगे। इसी प्रकार, नीलबड़ में 6.01 करोड़, संजीव नगर में 4.77 करोड़, मालीखेड़ा में 2.49 करोड़ और प्रेमपुरा में 7.34 करोड़ रुपये की लागत से विसर्जन कुंड निर्माण के प्रस्ताव विचाराधीन हैं।
संक्षिप्त रूप में, नगर निगम परिषद की आगामी बैठक में नाम परिवर्तन और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।