Preeti Jhangiani: “सच्ची घटना पे फिल्म करना वाकई बच्चों का खेल नहीं है”, प्रीति ने बताया क्यों किया ‘उदयपुर फाइल्स’ में काम

Preeti Jhangiani इंटरव्यू : ‘मोहब्बतें’ वाली प्रीति झांगियानी से ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर थोड़ी गपशप हुई। उन्होंने बताया कि आखिर किस वजह से उन्होंने ये फिल्म साइन की।

प्रीति झांगियानी, जिन्हें पिछली बार 2017 में ‘तावड़ो’ में देखा था, अब वो ‘उदयपुर फाइल्स’ में जर्नलिस्ट अंजना सिंह के रोल में वापस आई हैं। फिल्म असली घटना पर बेस्ड है, और इस वक्त खूब चर्चा बटोर रही है। नेशनल पिलर से बातचीत में प्रीति ने अपने एक्सपीरियंस शेयर किए।

‘उदयपुर फाइल्स’ से आप आठ साल बाद लौट रही हो, कोई खास वजह?


देखो, ऐसा नहीं था कि मैंने सोच समझकर फिल्मों से छुट्टी ली थी। काम तो चल ही रहा था—फिल्में नहीं कर रही थी तो ऐड, शोज और बाकी प्रोजेक्ट्स में बिजी थी। अब इस फिल्म की बात करें तो मुझे हमेशा से असली ज़िंदगी की कहानियां पसंद हैं। जब स्क्रिप्ट पढ़ी तो बिना देरी के ‘यस’ बोल दिया।

सच्ची घटना पर फिल्म करना कितना मुश्किल होता है?


सीधा बोलूं तो, काफी टफ होता है। सिर्फ़ किरदार निभा नहीं रहे होते, एक असली इंसान का दर्द स्क्रीन पर लाना पड़ता है। जब ये कहानी पढ़ी, तो सच में दिमाग हिल गया। सोचो, किसी को सिर्फ अपनी बात रखने पे मार दिया जाए—ये सुनकर रूह कांप जाती है। इंसान की जान उसकी सोच या धर्म के नाम पे लेना डरावना है। फिल्म ने मुझे अंदर से झकझोर दिया। मन में सवाल आया—क्या वाकई हम फ्री सोसाइटी में रह रहे हैं, जहां अपनी राय रखना सेफ है?

आपको लगता है ऐसी फिल्में समाज में असर डाल सकती हैं?


बिल्कुल, उम्मीद है। असली घटनाओं पर बनी फिल्में देखने के बाद लोगों के मन में सवाल उठते हैं—क्यों हुआ, कैसे हुआ, सही था या गलत? बस यहीं से सोच बदलती है। फिल्म का मेसेज यही है कि हम इंसानियत सिखाएं—सिर्फ धर्म या किताबें नहीं, बच्चों को सबसे पहले अच्छा इंसान बनना सीखना चाहिए।

जो लोग बिना देखे फिल्म को जज कर रहे हैं, उन्हें क्या कहना चाहेंगी?


यार, हमारे यहां तो लोग ट्रेलर देख के ही राय बना लेते हैं। मैं किसी को फोर्स नहीं कर सकती फिल्म देखने के लिए, लेकिन इतना बोलना चाहूंगी कि हमने पूरी ईमानदारी से बनाई है। मकसद बस सच दिखाना था, किसी का सपोर्ट करना नहीं।

‘मोहब्बतें’ वाले रोल ने आपकी लाइफ बदल दी?


‘मोहब्बतें’ साइन करने से पहले मॉडलिंग और साउथ की फिल्में कर चुकी थी, लेकिन बॉलीवुड अलग ही लेवल है। आज भी याद है, आदित्य चोपड़ा ने हर चीज में हमें ट्रेन किया—चाहे डिक्शन हो, कथक, हिंदी डायलॉग्स या गानों पर डांस। आठ महीने की वो ट्रेनिंग आज भी काम आती है।

अब आगे किस तरह के रोल्स करना चाहेंगी?


मैं हमेशा से नए और अलग-अलग रोल करके खुद को चैलेंज करना चाहती हूं। एक्टर कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होता, हमेशा कुछ नया करने का दिल करता है। मैं ऐसे किरदार करना चाहूंगी जिससे खुद को और आगे बढ़ा सकूं।

किस टाइप की फिल्में पसंद हैं?


थ्रिलर और रियल लाइफ बेस्ड फिल्में मेरी फेवरेट हैं। असली कहानियों में एक अलग ही कनेक्शन होता है। ऑटोबायोग्राफी पढ़ना भी अच्छा लगता है, तो कभी बायोपिक में काम करने का भी मन है।

अगर मौका मिले तो किसकी बायोपिक करना चाहेंगी?


आंद्रे अगासी की किताब ‘ओपन’ ने मुझे बहुत इंस्पायर किया था। उनकी लाइफ स्टोरी बहुत ईमानदार है, बहुत क्रेजी भी। मैं उनका रोल तो नहीं कर सकती, लेकिन ऐसी कहानियां मुझे हमेशा अट्रैक्ट करती हैं। सच कहूं, किसी भी ऐसी शख्सियत की बायोपिक करना चाहूंगी जिसने लाइफ में कुछ हटके किया हो—चाहे वो स्पोर्ट्स हो या पॉलिटिक्स।

Image by Instagram jhangianipreeti

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